Skip to main content

About us

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह वेबसाइट केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हम किसी भी जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते।

Comments

Popular posts from this blog

कोंडागांव की 5 बड़ी खबरें | 18 जून 2025 की ताज़ा रिपोर्ट

  📰 कोंडागांव की ताज़ा और यूनिक खबरें | Kondagaon News Update 2025 दिनांक: 18 जून 2025 स्थान: कोंडागांव, बस्तर (छत्तीसगढ़) 🔹 1. Keskal बाईपास को मिली मंज़ूरी — ₹307.96 करोड़ की परियोजना कोंडागांव में यातायात सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने 11.38 किमी लंबे Keskal Bypass को मंज़ूरी दे दी है। यह चार लेन बाईपास ₹307.96 करोड़ की लागत से तैयार होगा और इससे बस्तर अंचल की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। 🛣️ स्रोत: Times of India 🔹 2. रिश्वत लेते पकड़ा गया नायब तहसीलदार – एसीबी की कार्रवाई ACB ने कोंडागांव में एक नायब तहसीलदार को ₹10,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा । आरोप है कि उसने और अधिक राशि की मांग की थी। यह कार्रवाई प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम है। ⚖️ स्रोत: नवभारत टाइम्स 🔹 3. मंडी में अवैध मक्का पकड़ी गई — 1 लाख का जुर्माना कोंडागांव मंडी विभाग ने अवैध रूप से लाई गई 1,000 बोरी मक्का जब्त की, जो ओडिशा से लाई गई थी। संबंधित व्यापारियों पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया गया। 🌾 यह कार्रवाई अनाज व्यापार में...

Raipur

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी का इतिहास, विकास और पर्यटन रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी का इतिहास, विकास और पर्यटन रायपुर , भारत के छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी है, जो अपने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक महत्व के लिए जानी जाती है। यह शहर अब एक स्मार्ट सिटी के रूप में तेजी से उभर रहा है। इतिहास और पृष्ठभूमि रायपुर का इतिहास 9वीं शताब्दी से जुड़ा हुआ है। पहले यह दक्ष-कोशल राज्य का हिस्सा था, फिर कलचुरी वंश, मराठों और अंत में ब्रिटिश शासन के अधीन रहा। वर्ष 2000 में जब छत्तीसगढ़ बना, तब इसे राज्य की राजधानी घोषित किया गया। भौगोलिक स्थिति यह शहर महानदी के किनारे बसा हुआ है और मैदानी क्षेत्र से घिरा हुआ है। यहाँ की जलवायु उष्णकटिबंधीय है, जिससे गर्मी अधिक होती है और सर्दियाँ ठंडी। राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा, सचिवालय, मुख्यमंत्री निवास तथा उच्च न्यायालय जैसे प्रमुख संस्थान हैं। यह राज्य की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र है। शिक्षा औ...

कोंडागांव: नायब तहसीलदार रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार – सरकारी भ्रष्टाचार पर बड़ा सवाल

कोंडागांव: नायब तहसीलदार रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार – सरकारी भ्रष्टाचार पर बड़ा सवाल    छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नायब तहसीलदार को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। यह कार्रवाई राज्य के एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा की गई, जिसने पहले से ही सतर्कता से जाल बिछाया हुआ था। आरोपी तहसीलदार ने पहले एक ग्रामीण से सरकारी काम के एवज में रिश्वत की मांग की थी। जब पहली किश्त 10,000 रुपये दी गई, तो उसने और अधिक पैसे की मांग की। यहीं पर शिकायतकर्ता ने एसीबी को सूचित किया और टीम ने तहसीलदार को रंगे हाथों पकड़ लिया। यह घटना केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि यह हमारे सिस्टम में व्याप्त उस गहरी जड़ें जमाए भ्रष्टाचार को उजागर करती है जो ग्रामीण जनता के अधिकारों का शोषण करता है। एक आम नागरिक, जिसे सरकारी दफ्तरों में न्याय और सेवा की उम्मीद होती है, वहीं पर जब रिश्वत माँगी जाती है, तो यह न सिर्फ भरोसे को तोड़ता है बल्कि लोकतंत्र के बुनियादी ढांचे पर भी चोट करता है। कोंडागांव जैसी जगह, जहां विकास की अपार संभाव...