कोंडागांव की जानकारी
कोंडागांव की ताजा खबरें: भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, शिक्षा में सुधार और विकास की नई पहल
छत्तीसगढ़ का कोंडागांव जिला इन दिनों कई वजहों से सुर्खियों में है। यहां प्रशासनिक स्तर पर जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो रही है, वहीं शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। आइए जानते हैं इस सप्ताह कोंडागांव से जुड़ी कुछ अहम खबरें।
भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई
कोंडागांव में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक नायब तहसीलदार को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। यह कार्रवाई न केवल प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि इससे जनता में भी एक सकारात्मक संदेश गया है कि अब भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शिक्षा क्षेत्र में राहत की खबर
गांवों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से खंडाम और बाखरा के प्राथमिक विद्यालयों में दो-दो शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इससे करीब 131 बच्चों को अब नियमित शिक्षा मिल सकेगी। लंबे समय से शिक्षकविहीन स्कूलों की समस्या पर यह एक स्वागत योग्य कदम है।
तेजी से बढ़ रहा ऑयल पॉम प्लांटेशन अभियान
कोंडागांव के उद्यानिकी विभाग ने "ऑयल पॉम प्लांटेशन" योजना की शुरुआत की है। किसानों को पौधे, तकनीकी सहायता, बोरवेल, ड्रिप सिंचाई, और फेंसिंग जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। यह योजना पहले आओ पहले पाओ के आधार पर लागू की जा रही है, जिससे क्षेत्रीय किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिलेगा।
धार्मिक आयोजनों में उमड़ा जनसैलाब
SNK कालीबाड़ी में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी देखी गई। कलश यात्रा और हरिनाम संकीर्तन से वातावरण पूरी तरह भक्ति-मय हो गया। इस प्रकार के आयोजनों से सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलती है।
खेलों में कोंडागांव की धमक
अबूझमाड़ के खिलाड़ियों ने "खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025" में मल्लखंभ स्पर्धा में 1 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर जिले का नाम रौशन किया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यहां की युवा प्रतिभा में जबरदस्त क्षमता है।
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निष्कर्ष
कोंडागांव जिले में हो रहे ये घटनाक्रम यह दिखाते हैं कि यह क्षेत्र अब न केवल विकास की राह पर बढ़ रहा है, बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक जागरूकता में भी आगे बढ़ रहा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती, शिक्षा में सुधार, कृषि योजनाओं का लाभ और सांस्कृतिक कार्यक्रम—इन सभी पहलुओं ने कोंडागांव को एक नई पहचान दी है।

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