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Showing posts from June, 2025

Raipur

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी का इतिहास, विकास और पर्यटन रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी का इतिहास, विकास और पर्यटन रायपुर , भारत के छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी है, जो अपने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक महत्व के लिए जानी जाती है। यह शहर अब एक स्मार्ट सिटी के रूप में तेजी से उभर रहा है। इतिहास और पृष्ठभूमि रायपुर का इतिहास 9वीं शताब्दी से जुड़ा हुआ है। पहले यह दक्ष-कोशल राज्य का हिस्सा था, फिर कलचुरी वंश, मराठों और अंत में ब्रिटिश शासन के अधीन रहा। वर्ष 2000 में जब छत्तीसगढ़ बना, तब इसे राज्य की राजधानी घोषित किया गया। भौगोलिक स्थिति यह शहर महानदी के किनारे बसा हुआ है और मैदानी क्षेत्र से घिरा हुआ है। यहाँ की जलवायु उष्णकटिबंधीय है, जिससे गर्मी अधिक होती है और सर्दियाँ ठंडी। राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा, सचिवालय, मुख्यमंत्री निवास तथा उच्च न्यायालय जैसे प्रमुख संस्थान हैं। यह राज्य की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र है। शिक्षा औ...

🏞️ कोंडागांव: बस्तर की कला और संस्कृति का जीवंत प्रतीक

  कोंडागांव: बस्तर का कला-संस्कृति से भरा अद्भुत जिला | Kondagaon in Hindi 🏞️ कोंडागांव: बस्तर की कला और संस्कृति का जीवंत प्रतीक 📍 कोंडागांव कहां स्थित है? कोंडागांव भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर संभाग में स्थित एक प्रमुख जिला है। यह जिला अपनी जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक हस्तशिल्प, बेलमेटल कला , और शांतिपूर्ण प्राकृतिक दृश्यों के लिए जाना जाता है। यहाँ की जनसंख्या में गोंड, मुरिया, और हल्बा जैसे जनजातीय समुदायों की प्रमुखता है, जो आज भी अपनी पारंपरिक जीवनशैली को जीवित रखे हुए हैं। 🧱 कोंडागांव का इतिहास कोंडागांव का इतिहास बस्तर रियासत से जुड़ा हुआ है। कभी यह क्षेत्र बस्तर राज्य का हिस्सा था। 24 जनवरी 2012 को इसे स्वतंत्र जिला घोषित किया गया। यह क्षेत्र वर्षों से कला, संस्कृति, और शिल्प का केंद्र रहा है। 🎨 बेलमेटल शिल्प: कोंडागांव की पहचान कोंडागांव को "बेलमेटल कला की राजधानी" कहा जाए तो गलत नहीं होगा। यह प्राचीन "ढोको कला" (Dhokra Art) तकनीक पर आधारित है जिसमें पीतल और कांसे से शिल्प बनाए जाते हैं। यह शिल्पकारी मोम से ढलाई (Lost Wax ...

कोंडागांव की 5 बड़ी खबरें | 18 जून 2025 की ताज़ा रिपोर्ट

  📰 कोंडागांव की ताज़ा और यूनिक खबरें | Kondagaon News Update 2025 दिनांक: 18 जून 2025 स्थान: कोंडागांव, बस्तर (छत्तीसगढ़) 🔹 1. Keskal बाईपास को मिली मंज़ूरी — ₹307.96 करोड़ की परियोजना कोंडागांव में यातायात सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने 11.38 किमी लंबे Keskal Bypass को मंज़ूरी दे दी है। यह चार लेन बाईपास ₹307.96 करोड़ की लागत से तैयार होगा और इससे बस्तर अंचल की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। 🛣️ स्रोत: Times of India 🔹 2. रिश्वत लेते पकड़ा गया नायब तहसीलदार – एसीबी की कार्रवाई ACB ने कोंडागांव में एक नायब तहसीलदार को ₹10,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा । आरोप है कि उसने और अधिक राशि की मांग की थी। यह कार्रवाई प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम है। ⚖️ स्रोत: नवभारत टाइम्स 🔹 3. मंडी में अवैध मक्का पकड़ी गई — 1 लाख का जुर्माना कोंडागांव मंडी विभाग ने अवैध रूप से लाई गई 1,000 बोरी मक्का जब्त की, जो ओडिशा से लाई गई थी। संबंधित व्यापारियों पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया गया। 🌾 यह कार्रवाई अनाज व्यापार में...

✈️ अहमदाबाद प्लेन क्रैश 2025: हादसा या लापरवाही?

  ✈️ अहमदाबाद प्लेन क्रैश 2025: हादसा या लापरवाही? 🗓️ दिनांक: 16 जून 2025 📍 स्थान: सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, अहमदाबाद 🛩️ उड़ान: चार्टर्ड प्लेन (मुंबई से अहमदाबाद) 👥 यात्री: 6 (2 पायलट + 4 यात्री) 🕒 समय: सुबह 7:45 बजे 🔥 क्या हुआ था? 16 जून की सुबह एक चार्टर्ड प्लेन लैंडिंग के दौरान रनवे से फिसल गया और उसमें आग लग गई। प्लेन अहमदाबाद एयरपोर्ट पर क्रैश हो गया। प्रमुख बातें: इंजन में तकनीकी खराबी की आशंका लैंडिंग के समय तेज़ हवा और असंतुलन विमान में आग लग गई, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित बचा लिए गए 🛑 जांच रिपोर्ट क्या कहती है? DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक इंजन फेल्योर या तकनीकी खराबी की आशंका है। ब्लैक बॉक्स जब्त कर लिया गया है 👥 यात्रियों की स्थिति सभी 6 लोग सुरक्षित 2 लोगों को मामूली चोटें अस्पताल में इलाज जारी ❓ अहम सवाल क्या विमान की समय पर सर्विसिंग हुई थी? क्या पायलट को मौसम की सही जानकारी थी? क्या रनवे पर कोई गड़बड़ी थी? 📌 निष्कर्ष यह हादसा भारत की विमानन सुरक्षा को लेकर एक चेतावनी है। यात्रिय...

बस्तर में नक्सलवाद: एक सच्चाई जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता

  बस्तर में नक्सलवाद: एक सच्चाई जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता नक्सलवाद क्या है? नक्सलवाद एक उग्रवादी आंदोलन है जिसकी शुरुआत 1967 में पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी गांव से हुई थी। यह आंदोलन सामाजिक और आर्थिक असमानता के खिलाफ शुरू हुआ था, जिसमें गरीबों, आदिवासियों और भूमिहीन किसानों को उनके अधिकार दिलाने की बात कही गई थी। हालांकि समय के साथ यह आंदोलन हिंसात्मक और विध्वंसकारी बन गया, और इसका दायरा भारत के कई राज्यों में फैल गया — जिनमें छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और आंध्र प्रदेश प्रमुख हैं। बस्तर में नक्सलवाद की शुरुआत बस्तर, छत्तीसगढ़ का दक्षिणी हिस्सा है, जो प्राकृतिक संसाधनों और घने जंगलों से समृद्ध है। 1980 के दशक में जब आंध्र प्रदेश के माओवादी गुट बस्तर के जंगलों में प्रवेश करने लगे, तब इस क्षेत्र में नक्सल गतिविधियाँ शुरू हुईं। यहाँ की आदिवासी आबादी, जो वर्षों से उपेक्षित, गरीब और शिक्षा से वंचित थी, उनके लिए नक्सली नेताओं की बातें आकर्षक लगीं — जैसे जमीन का हक, शोषण से मुक्ति, और समानता। नक्सलवाद फैलने के मुख्य कारण गरीबी और बेरोजगारी शिक्षा की कमी और सरकारी उपेक्षा वन अधिकारों का...

कोंडागांव भ्रष्टाचार पर कार्रवाई

  कोंडागांव की जानकारी कोंडागांव की ताजा खबरें: भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, शिक्षा में सुधार और विकास की नई पहल छत्तीसगढ़ का कोंडागांव जिला इन दिनों कई वजहों से सुर्खियों में है। यहां प्रशासनिक स्तर पर जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो रही है, वहीं शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। आइए जानते हैं इस सप्ताह कोंडागांव से जुड़ी कुछ अहम खबरें। भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई कोंडागांव में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक नायब तहसीलदार को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। यह कार्रवाई न केवल प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि इससे जनता में भी एक सकारात्मक संदेश गया है कि अब भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षा क्षेत्र में राहत की खबर गांवों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से खंडाम और बाखरा के प्राथमिक विद्यालयों में दो-दो शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इससे करीब 131 बच्चों को अब नियमित शिक्षा मिल सकेगी। लंबे समय से शिक्षकविहीन स्कूलों की समस्या पर यह एक स्वागत योग्य कदम है। तेजी...

बस्तर का अनूठा इतिहास: संस्कृति, संघर्ष और विरासत

बस्तर का इतिहास  छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र अपनी अद्वितीय संस्कृति, ऐतिहासिक संघर्षों और आदिवासी परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। बस्तर का इतिहास जितना पुराना है, उतना ही गौरवपूर्ण और प्रेरणादायक भी है। आइए जानते हैं बस्तर की ऐतिहासिक यात्रा के बारे में। बस्तर रियासत की स्थापना बस्तर रियासत की स्थापना 14वीं शताब्दी में राजा अनम देव द्वारा की गई थी। वे ओडिशा के काकतीय वंश से संबंधित थे और बस्तर आकर एक स्वतंत्र रियासत की नींव रखी। शुरू में राजधानी बर्सूर रही, जिसे बाद में जगदलपुर में स्थानांतरित किया गया। जनजातीय संस्कृति और परंपराएँ बस्तर की आत्मा उसकी आदिवासी जनजातियाँ हैं — जैसे गोंड, मुरिया, भतरा आदि। इनकी भाषा, पहनावा, लोकनृत्य और पर्व विशेष होते हैं। बस्तर दशहरा यहां का सबसे बड़ा पर्व है, जो पूरे 75 दिन तक चलता है और यह भारत का सबसे लंबा त्योहार माना जाता है। बस्तर दशहरा: राजपरिवार की परंपरा बस्तर दशहरा की शुरुआत राजा पुरुषोत्तम देव ने की थी और आज भी यह त्योहार राजपरिवार और जनता की सहभागिता से मनाया जाता है। यह सांस्कृतिक उत्सव जनजातीय आस्था और परंपरा का प्रतीक है। ब्रिटिश शासन और ...

कोंडागांव: नायब तहसीलदार रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार – सरकारी भ्रष्टाचार पर बड़ा सवाल

कोंडागांव: नायब तहसीलदार रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार – सरकारी भ्रष्टाचार पर बड़ा सवाल    छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नायब तहसीलदार को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। यह कार्रवाई राज्य के एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा की गई, जिसने पहले से ही सतर्कता से जाल बिछाया हुआ था। आरोपी तहसीलदार ने पहले एक ग्रामीण से सरकारी काम के एवज में रिश्वत की मांग की थी। जब पहली किश्त 10,000 रुपये दी गई, तो उसने और अधिक पैसे की मांग की। यहीं पर शिकायतकर्ता ने एसीबी को सूचित किया और टीम ने तहसीलदार को रंगे हाथों पकड़ लिया। यह घटना केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि यह हमारे सिस्टम में व्याप्त उस गहरी जड़ें जमाए भ्रष्टाचार को उजागर करती है जो ग्रामीण जनता के अधिकारों का शोषण करता है। एक आम नागरिक, जिसे सरकारी दफ्तरों में न्याय और सेवा की उम्मीद होती है, वहीं पर जब रिश्वत माँगी जाती है, तो यह न सिर्फ भरोसे को तोड़ता है बल्कि लोकतंत्र के बुनियादी ढांचे पर भी चोट करता है। कोंडागांव जैसी जगह, जहां विकास की अपार संभाव...

"कोंडागांव की आज की 7 बड़ी खबरें – 6 जून 2025 की लाइव रिपोर्ट"

  कोंडागांव जिले से 6 जून 2025 की प्रमुख खबरें इस प्रकार हैं:  🌧️ मौसम अपडेट कोंडागांव सहित बस्तर संभाग के जिलों में मानसून की प्रगति धीमी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3-4 दिनों तक अधिकांश जिले शुष्क रह सकते हैं। हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन व्यापक वर्षा की उम्मीद नहीं है।   📰 प्रमुख स्थानीय समाचार 1. गोंडी भाषा संरक्षण के लिए शिक्षक प्रशिक्षण शिविर बस्तर के 26 शिक्षक गोंडी भाषा और संस्कृति के संरक्षण हेतु 7 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।   2. शिक्षकों का उग्र प्रदर्शन युक्तियुक्तकरण नीति के विरोध में कोंडागांव में शिक्षकों ने उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नीति को वापस लेने की मांग की।   3. NH-30 पर ट्रेलर पलटा केशकाल घाट के 8वें मोड़ पर एक भारी ट्रेलर पलटने से राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर लगभग 5 घंटे तक यातायात बाधित रहा।   4. पशु तस्करी पर कार्रवाई कोंडागांव पुलिस ने उड़ीसा ले जाए जा रहे 47 गौवंश को मुक्त कराते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया।   5. नाबालिग से अनाचार का मामला केशकाल थाना क्...

🇮🇳 भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच IPL स्थगित – क्रिकेट प्रेमियों को बड़ा झटका

 🇮🇳 भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच IPL स्थगित – क्रिकेट प्रेमियों को बड़ा झटका क्रिकेट भारत में सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक जुनून है। जब-जब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का सीजन आता है, पूरे देश में उत्सव जैसा माहौल बन जाता है। लेकिन इस बार क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ा झटका सामने आया है। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सीमा तनाव के चलते IPL को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय क्रिकेट की दुनिया के लिए अप्रत्याशित था, लेकिन देश की सुरक्षा और शांति को प्राथमिकता देते हुए यह आवश्यक बन गया। आइए जानते हैं कि इस स्थिति के पीछे क्या कारण हैं, और इसका प्रभाव क्रिकेट जगत और आम लोगों पर कैसा पड़ा है। --- 🔥 सीमा पर बढ़ता तनाव पिछले कुछ हफ्तों से भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। सीमाई इलाकों में गोलीबारी और जवाबी कार्रवाई की खबरें लगातार आ रही हैं। डिफेंस एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हालात 2019 के पुलवामा हमले के बाद जैसी गंभीरता की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। सरकार ने देश की आंतरिक सुरक्षा और आम जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बड़े सा...

आज की प्रमुख खबरें (कोंडागांव, 5 जून 2025)

  -- 📰 आज की प्रमुख खबरें (कोंडागांव, 5 जून 2025) 1. 94 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भोंगपाल में 94 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की घोषणा की है, जिसमें बौद्ध पार्क और मंदिर का निर्माण शामिल है। यह नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई शुरुआत मानी जा रही है। 2. कोंडागांव और बस्तर को नक्सल प्रभावित जिलों की सूची से हटाया गया गृह मंत्रालय ने कोंडागांव और बस्तर जिलों को नक्सल प्रभावित जिलों की सूची से हटा दिया है, जिससे क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति का संकेत मिलता है। 3. कोंडागांव में 13 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार कोंडागांव में 13 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म के आरोप में 53 वर्षीय श्याम सेन को गिरफ्तार कर कोतवाली पुलिस ने जेल भेजा है। 4. केशकाल घाटी में ट्रेलर पलटने से 5 घंटे तक जाम केशकाल घाटी के 8वें मोड़ पर ट्रेलर के पलटने से 5 घंटे तक यातायात बाधित रहा। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद आवागमन शुरू किया। 5. NH-30 पर सड़क हादसा, बाइक सवार युवक की मौत फरसगांव के NH-30 आवराभाटा चौक के पास सड़क हादसे मे...

ब्लॉग टाइटल: बस्तर के नक्सलियों की कहानी: इतिहास, कारण और वर्तमान स्थिति

  ब्लॉग टाइटल: बस्तर के नक्सलियों की कहानी: इतिहास, कारण और वर्तमान स्थिति --- परिचय छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र का नाम सुनते ही जंगल, जनजातियाँ और नक्सलवाद की तस्वीर उभरती है। नक्सलवाद ने इस क्षेत्र को कई दशकों से जकड़ रखा है। यह केवल एक सुरक्षा समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों से जुड़ी एक गहरी जड़ वाली समस्या है। इस ब्लॉग में हम बस्तर के नक्सलियों के इतिहास, उनकी विचारधारा, स्थानीय जनजीवन पर प्रभाव और सरकार की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। --- नक्सलवाद क्या है? नक्सलवाद की शुरुआत 1967 में पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी गांव से हुई थी, जहाँ गरीब किसानों ने ज़मींदारों के खिलाफ हथियार उठाए थे। यह आंदोलन धीरे-धीरे देश के कई हिस्सों में फैल गया। बस्तर में यह आंदोलन 1980 के दशक में प्रवेश कर गया और आज तक सक्रिय है। --- बस्तर में नक्सलवाद का इतिहास बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों का प्रवेश 1980 के दशक में हुआ, जब आंध्र प्रदेश से "पीपुल्स वार ग्रुप" के कार्यकर्ता दक्षिण बस्तर के जंगलों में आए। उन्होंने आदिवासियों की समस्याओं को समझा, और उनके हकों के लिए लड़ने क...

📰 विराट कोहली के बेंगलुरु पब पर केस दर्ज: क्या है पूरा मामला?

 📰 विराट कोहली के बेंगलुरु पब पर केस दर्ज: क्या है पूरा मामला? 2 जून 2025, बेंगलुरु – भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला क्रिकेट से नहीं, बल्कि उनके मशहूर पब "One8 Commune" से जुड़ा हुआ है। बेंगलुरु के इस पब पर देर रात तक म्यूज़िक बजाने और नियमों का उल्लंघन करने के आरोप लगे हैं, जिसके चलते पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। --- 🕵️ क्या हैं आरोप? बेंगलुरु पुलिस के अनुसार, "One8 Commune" पब में: नाइट टाइम साउंड लिमिट का उल्लंघन किया गया लाइसेंस के नियमों का पालन नहीं हुआ आस-पास के रेजिडेंशियल एरिया से कई शिकायतें दर्ज की गईं इस पब के मैनेजर और स्टाफ पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस जांच जारी है, हालांकि विराट कोहली की इसमें व्यक्तिगत संलिप्तता की कोई पुष्टि नहीं हुई है। --- 🍽️ One8 Commune क्या है? "One8 Commune" विराट कोहली की ब्रांडेड रेस्टोरेंट चेन है, जिसका नाम उनके जर्सी नंबर 18 से प्रेरित है। यह देश के कई बड़े शहरों में मौजूद है और खास तौर पर युवाओं में काफी लोकप्रिय है। --- 👥 फैंस का रिएक्शन सोशल मीड...

📰 छत्तीसगढ़ में मौसम का हाल: जून 2025 की ताज़ा जानकारी

  📰 छत्तीसगढ़ में मौसम का हाल: जून 2025 की ताज़ा जानकारी 2 जून 2025, रायपुर – छत्तीसगढ़ में इस सप्ताह मौसम गर्म और शुष्क बना हुआ है। पूरे राज्य में लू जैसे हालात बनते जा रहे हैं और मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर जैसे प्रमुख शहरों में तापमान 38°C से 43°C के बीच बना हुआ है। 🌡️ प्रमुख शहरों का तापमान रायपुर: अधिकतम 41°C, न्यूनतम 30°C – आंशिक बादल, भीषण गर्मी बिलासपुर: अधिकतम 40°C, न्यूनतम 26°C – शुष्क और गर्म मौसम जगदलपुर: अधिकतम 34°C, न्यूनतम 24°C – कुछ क्षेत्रों में गरज के साथ बूंदाबांदी संभव अंबिकापुर: अधिकतम 38°C, न्यूनतम 24°C – हल्के बादल 🌧️ मानसून की स्थिति मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मानसून की शुरुआत धीमी गति से हो रही है। बंगाल की खाड़ी में कोई नया सिस्टम नहीं बनने से बारिश की गतिविधियां फिलहाल रुकी हुई हैं। आने वाले 3–4 दिनों तक बारिश की संभावना कम है। ⚠️ लोगों के लिए सलाह लू से बचाव करें, दिन के समय छांव में रहें पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है किसान भाई बारिश की स्थिति क...